Dal Mill Subsidy Scheme 2026: अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सोच रहे हैं, और वो भी सरकारी मदद के साथ? यदि आप बिहार के रहने वाले हैं तो यह खबर आपके काम की है। राज्य सरकार दाल प्रोसेसिंग यूनिट, यानी दाल मिल लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। यह योजना केवल बिहार के 10 जिलों के लिए जिनमे – 1. पटना, 2. नालंदा 3. जहानाबाद 4. गया 5. मुजफ्फरपुर 6. सीतामढी 7. भागलपुर 8. सुपौल 9. लखीसराय 10. औरंगाबाद शामिल है।
यह स्कीम रोजगार बढ़ाने और गांव-कस्बों में छोटे कृषि उद्योगों को बढ़ावा देने के मकसद से लाई गई है। सबसे अच्छी बात, आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन्हें दाल मिल का बिजनेस खड़ा करना है, उनके पास अभी वक्त है।
कितनी सब्सिडी मिलेगी, कितना खुद लगाना होगा
सरकार प्रोजेक्ट की कुल लागत का 33 प्रतिशत, या ज्यादा से ज्यादा 25 लाख रुपये तक सब्सिडी देगी। दोनों में जो रकम कम हो, वही मिलेगी।
बाकी की राशि के लिए दो रास्ते हैं। एक हिस्सा बैंक से लोन के जरिए आता है, और लाभार्थी को खुद भी प्रोजेक्ट की कुल लागत का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा लगाना होगा। मतलब यह पूरी तरह मुफ्त की स्कीम नहीं है, आपकी अपनी जेब से भी कुछ पैसा लगेगा।
आवेदन की तारीख और प्रोसेस
दाल मिल सब्सिडी योजना के लिए आवेदन 1 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं। आवेदन फॉर्म अप्लाई करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 रखी गई है, यानी सिर्फ एक महीने की विंडो।
आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए बिहार सरकार के कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल http://dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाना होगा। सरकार ने ऑफलाइन झंझट हटाकर पूरा प्रोसेस डिजिटल रखा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक स्कीम का फायदा पहुंच सके।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए
कागजी काम में देरी न हो, इसके लिए पहले से तैयारी कर लीजिए। आपको जिन-जिन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी उनकी लिस्ट आप यहाँ देख सकते है:
- DPR यानी प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी वाली रिपोर्ट
- दाल मिल के लिए बैंक से मिले लोन की मंजूरी का पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की डिटेल
- अगर आवेदक कोई संस्था है, तो उसका पंजीकरण प्रमाण पत्र
किसे मिल सकता है इस योजना का फायदा
अब सवाल यह है कि आवेदन कौन कर सकता है। दायरा काफी बड़ा रखा गया है। किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, प्राथमिक कृषि साख समिति, क्लस्टर लेवल फेडरेशन और पंजीकृत संस्थाएं तो शामिल हैं ही, साथ ही आम व्यक्तिगत आवेदक भी इसका फायदा उठा सकते हैं।
मतलब कोई संगठन न हो, अकेला व्यक्ति भी दाल मिल लगाने के लिए आवेदन कर सकता है।
Bihar Pulse Mill Subsidy Eligibility

सब्सिडी लेने से पहले ये शर्तें जान लें
सब्सिडी मुफ्त में नहीं मिलती, कुछ मानक पूरे करने होंगे। मशीनें BIS मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, यह पहली और सबसे जरूरी शर्त है। प्रोडक्शन में FSSAI के नियमों का पालन भी अनिवार्य है, क्योंकि दाल खाने-पीने की चीज है और फूड सेफ्टी में कोई ढील नहीं चलेगी।
क्षमता को लेकर भी सीमा तय है — दाल प्रोसेसिंग यूनिट की कम से कम 300 किलोग्राम प्रति घंटा क्षमता होनी चाहिए। छोटी-मोटी घरेलू मशीन इसमें नहीं आएगी।
एक शर्त और है जो अक्सर लोग भूल जाते हैं। यूनिट शुरू करने के बाद कम से कम तीन साल तक परिसंपत्तियों का संचालन जारी रखना होगा। यानी सब्सिडी लेकर तुरंत यूनिट बंद कर देना या मशीन बेच देना नियमों के खिलाफ होगा।
योजना का लाभ उठाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
आवेदन की विंडो सिर्फ एक महीने की है, इसलिए दस्तावेज और DPR पहले से तैयार रखना समझदारी होगी। जिन्हें लोन की जरूरत है, वे बैंक से मंजूरी पत्र लेने का काम अभी से शुरू कर सकते हैं, क्योंकि यह प्रोसेस अक्सर वक्त लेता है। पोर्टल पर जाकर अभी स्टेटस और फॉर्म चेक कर लेना सबसे सही कदम रहेगा।
Official Sources:-
- बिहार सरकार डीबीटी कृषि पोर्टल – http://dbtagriculture.bihar.gov.in
- आवेदन पोर्टल – https://onlinedbtagriservice.bihar.gov.in/POP/home/index3.html
- बिहार कृषि विभाग – krishi.bihar.gov.in
बिहार कृषि उद्यमी सब्सिडी योजना से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs):
प्रोजेक्ट की कुल लागत का 33 प्रतिशत या ज्यादा से ज्यादा 25 लाख रुपये तक, दोनों में जो कम हो।
आवेदन 1 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं और 31 अगस्त 2026 तक किए जा सकते हैं।
आवेदन बिहार सरकार के अधिकारिक पोर्टल http://dbtagriculture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
हां, FPO, कृषि साख समिति और पंजीकृत संस्थाओं के साथ-साथ व्यक्तिगत आवेदक भी पात्र हैं।
यूनिट की प्रोसेसिंग क्षमता कम से कम 300 किलोग्राम प्रति घंटा होनी चाहिए।
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