Mukhyamantri Krishak Chhatravriti Yojana: खेत में मेहनत करने वाले किसान के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर बच्चों की पढ़ाई का खर्च होती है। फसल का भाव कभी ऊपर, कभी नीचे। ऐसे में बेटे-बेटी की फीस, किताबें और कोचिंग का इंतजाम करना आसान नहीं रहता। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी परेशानी को थोड़ा हल्का करने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली राशि अब बढ़ा दी गई है। पहले किसान परिवारों के बच्चों को हर महीने 3000 रुपये मिलते थे, अब यह रकम 5000 रुपये कर दी गई है।
कितना बढ़ा फायदा, आंकड़ों में समझें
सीधी बात करें तो सालाना हिसाब से यह मदद अब 60 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। पहले के मुकाबले यह करीब 67 फीसदी की बढ़ोतरी है। छोटी सी दिखने वाली यह रकम गांव के किसी परिवार के लिए बड़ा सहारा बन सकती है।
खेती से होने वाली आमदनी हर महीने एक जैसी नहीं रहती। मौसम खराब हो या मंडी में भाव गिर जाए, कमाई पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे हालात में बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च संभालना मुश्किल हो जाता है, और यहीं यह योजना काम आती है।
किन बच्चों को मिलेगा योजना का फायदा
आपने भी सोचा होगा कि आखिर इसका फायदा किसे मिलेगा? जवाब है — उन मेधावी छात्रों को, जो किसान परिवार से आते हैं और आगे पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। कई गांवों में ऐसे बच्चे हैं जो पढ़ाई में तेज हैं, लेकिन पैसों की कमी उनका रास्ता रोक देती है।
सरकार की मंशा साफ है – आर्थिक तंगी की वजह से किसी बच्चे की पढ़ाई बीच में न रुके। यह मदद फीस, किताबें और पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्चों में काम आ सकती है।
छात्रवृत्ति के लिए पात्रता-
- छात्रवृत्ति हेतु छात्र/छात्राओं का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है।
- कृषकों एवं खेतिहर मजदूरों के पुत्र व पुत्रियों तथा उन पर पूर्णरूप से आश्रितों को छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी।
- छात्रवृत्ति का आधार मेरिट होगा।
- स्नातक छात्र/छात्राओं के लिए यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट परीक्षा में न्यूनतम 70 प्रतिशत प्राप्तांक।
- अन्य बोर्ड के लिए न्यूनतम 85 प्रतिशत प्राप्तांक।
- स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु स्नातक स्तर पर न्यूनतम 70 प्रतिशत प्राप्तांक।
योजना की शर्तें व नियम
- छात्र/छात्रा को अपना आवेदन/प्रमाण-पत्र, 12वीं कक्षा अथवा स्नातक की अंक तालिका के साथ शिक्षा संस्था के सक्षम अधिकारी के पास जमा करना होगा।
- इस योजना के अंतर्गत मेरिट के आधार पर पात्र छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जायेगा।
- प्रथम वर्ष के पश्चात आगामी वर्षों में उत्तीर्ण छात्र/छात्राओं को ही इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा। किसी भी वर्ष अनुत्तीर्ण होने पर छात्र/छात्रा इस योजना हेतु अपात्र होगा।
- छात्र/छात्रा यदि पूर्व की किसी छात्रवृत्ति योजना/महाविद्यालय/अन्य स्रोत से छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहा है, तो मंडी परिषद द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्ति में से एक विकल्प चुनकर अन्य छात्रवृत्तियां वापस करनी होंगी।
- छात्र/छात्रा को शिक्षण अवधि में अच्छा अनुशासन व आचरण करना अनिवार्य होगा।
- यदि किसी समय यह ज्ञात होता है कि छात्र/छात्रा ने कोई सूचना छिपाई अथवा छिपायी है, तो बिना किसी पूर्व सूचना के छात्रवृत्ति समाप्त कर दी जायेगी।
छात्रवृत्ति के लिए चयन प्रक्रिया
- छात्रवृत्ति हेतु मेरिट के आधार पर घटते क्रम (डिसेंडिंग ऑर्डर) में पात्र छात्रों का चयन संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा किया जायेगा।
- पात्र छात्र सूची अनुमोदन हेतु चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी।
- चयन समिति में संबंधित उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) का उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
- महाविद्यालय के मामले में पात्र छात्र/छात्राओं का चयन महाविद्यालय द्वारा किया जायेगा।
- पात्र छात्र सूची अनुमोदन हेतु चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी।
- चयन समिति में महाविद्यालय के प्राचार्य व अन्य अधिकारी के साथ संबंधित उप निदेशक (प्रशासन/विपणन), मंडी परिषद सदस्य रहेंगे।
- छात्रवृत्ति की स्वीकृति हेतु संबंधित संभाग का उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) सक्षम अधिकारी होगा।
- छात्रवृत्ति हेतु छात्रों का चयन संभागीय उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) स्तर पर अंतिम किया जायेगा।
- चयनित छात्रों की सूची तैयार होने के बाद कार्यवाही का विवरण परिषद मुख्यालय को भेजा जायेगा।
- परिषद मुख्यालय द्वारा धनराशि अवमुक्त किये जाने पर छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी।
आवेदन के लिए क्या चाहिए
योजना का फायदा लेने के लिए छात्र का किसान परिवार से होना जरूरी है। साथ ही सरकार की तय पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। आवेदन के वक्त पहचान पत्र, किसान परिवार से जुड़ा प्रमाण और शैक्षणिक रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज तैयार रखने पड़ सकते हैं।
अभी यह साफ नहीं है कि आवेदन प्रक्रिया में कोई और बदलाव किया जाएगा या नहीं। लेकिन अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक पहुंचे।
सरकार का अगला फोकस क्या है?
सरकार सिर्फ राशि बढ़ाने पर नहीं रुकी। योजना का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी है, ताकि ज्यादा किसान परिवारों के बच्चे इससे जुड़ सकें। मकसद है कि पढ़ाई की वजह से गांव के प्रतिभाशाली बच्चों के सपने अधूरे न रह जाएं।
किसान का बेटा या बेटी आगे चलकर डॉक्टर बने, इंजीनियर बने या किसी और क्षेत्र में नाम कमाए, इसके लिए शुरुआती आर्थिक सहारा बहुत मायने रखता है। यह योजना उसी दिशा में एक कदम है।
पात्र छात्र अब क्या करें?
अगर आपके घर में कोई छात्र किसान परिवार से है और पढ़ाई जारी रखना चाहता है, तो जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें — पहचान पत्र, किसान संबंधी प्रमाण और स्कूल-कॉलेज का शैक्षणिक रिकॉर्ड। पात्रता से जुड़ी पूरी शर्तें संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी सरकारी कार्यालय से जरूर कन्फर्म कर लें।
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