केरल में पिछले एक हफ्ते से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। कई इलाकों में जगह-जगह पानी भर गया है, स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम एजेंसी Skymet के मुताबिक यह तेज बारिश का दौर सोमवार तक जारी रह सकता है, उसके बाद इसमें बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
राहत की बात यह है कि इस भारी बारिश ने केरल के सीजन के औसतन बारिश की कमी को काफी हद तक कम कर दिया है। इस सीजन में पिछले हफ़्ते तक सामान्य बारिश से करीब 34% कम थी, जो अब घटकर 23% रह गया है।
इस बार बारिश की वजह अलग क्यों है
आमतौर पर केरल में मानसूनी बारिश बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन या केरल-कर्नाटक तट के पास सक्रिय ऑफशोर ट्रफ की वजह से होती है। इस बार मामला अलग है।
Skymet के मुताबिक इस बार अरब सागर से एक मजबूत मानसूनी पश्चिमी हवा की धारा लगातार केरल के तट से टकरा रही है, जिसमें भारी मात्रा में नमी और ऊर्जा मौजूद है। यही वजह है कि राज्य में जगह-जगह भारी से अति भारी बारिश दर्ज हो रही है।
आंकड़े बताते हैं कितनी असामान्य रही बारिश
1 जून से 4 अगस्त के बीच केरल में कुल 1063.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 23% कम है। यानी सीजन की शुरुआत में केरल बारिश की कमी से जूझ रहा था।
लेकिन शनिवार से सोमवार के बीच सिर्फ तीन दिन में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इस दौरान केरल में 183.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा महज 55.5 मिलीमीटर है। यह सामान्य से करीब 230% ज्यादा है।
दिलचस्प बात यह भी है कि दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्से में सिर्फ केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ही पिछले दिनों उल्लेखनीय बारिश दर्ज हुई। बाकी क्षेत्रों में कोई सक्रिय मौसमी तंत्र न होने की वजह से हालात अपेक्षाकृत सूखे रहे।
अगले कुछ दिन केरल में कैसा रहेगा मौसम
गुरुवार तक राज्य में बारिश की तीव्रता मध्यम रहने का अनुमान है। भारी बारिश सिर्फ उत्तरी जिलों के कुछ हिस्सों तक सीमित रह सकती है।
गुरुवार से रविवार के बीच बारिश फिर तेज हो सकती है। इस दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों, खासकर तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। सोमवार से मौसम में सुधार शुरू होगा और अगले हफ्ते बारिश की तीव्रता में साफ कमी आने की उम्मीद है।
6 से 9 अगस्त के बीच बारिश के आसार
अगर आप केरल के तटीय या उत्तरी जिलों में रहते हैं, तो 6 अगस्त यानी गुरुवार से 9 अगस्त रविवार के बीच का समय खासतौर पर सतर्क रहने वाला है। जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में एहतियात बरतें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर बनाए रखना ही इस वक्त सबसे समझदारी भरा कदम है। हालांकि, 10 अगस्त के बाद बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ जाएगा, और आगामी एक सप्ताह तक राहत की उम्मीद है ।
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