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PM-KISAN पर मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, ₹3.15 लाख करोड़ की दी मंजूरी,9 लाख किसानों को होगा सीधा फायदा

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अगर आप PM-KISAN लाभार्थी है, तो आज यानी 31 जुलाई 2026 का अपडेट आपके लिए बेहद खास है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच साल यानी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल ₹3.15 लाख करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है। यानी पात्र किसान परिवारों को आगे भी तय नियमों के मुताबिक आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

इसके अलावा, मोदी की कैबिनेट में आज ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (PM-SSY) को भी मंजूरी दे दी गई है।

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PM-KISAN के लिए ₹3.15 लाख करोड़ क्यों अहम है?

सरकार ने 2026-27 से 2030-31 तक योजना जारी रखने के लिए ₹3.15 लाख करोड़ की मंजूरी दी है। इसका सीधा मतलब है कि अगले पांच साल के लिए PM-KISAN की फंडिंग को लेकर बड़ा फैसला हो चुका है।

PM-KISAN के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवार को सालाना ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह रकम एक साथ नहीं आती, बल्कि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। पैसा सीधे खाते में आता है। बीच में किसी एजेंट या बिचौलिए की जरूरत नहीं होती।

23वीं किस्त तक किसानों को कितना पैसा मिला?

सरकार के 31 जुलाई 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, PM-KISAN की 23 किस्तों के जरिए अब तक ₹4.47 लाख करोड़ से ज्यादा रकम किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिला और ₹18,984 करोड़ से ज्यादा जारी किए गए।

यहां एक फर्क समझना जरूरी है। 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी करते समय PIB ने 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों और करीब ₹18,880 करोड़ के ट्रांसफर की जानकारी दी थी। बाद की कैबिनेट रिलीज में 23वीं किस्त के लिए अपडेटेड आंकड़े 9.49 करोड़ से अधिक लाभार्थियों और ₹18,984 करोड़ से ज्यादा के रूप में दिए गए हैं।

सरकार के मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान भी PM-KISAN के जरिए ₹1.71 लाख करोड़ से अधिक की सहायता किसानों तक पहुंचाई गई। महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से ज्यादा मिले हैं और करीब हर चार लाभार्थियों में एक महिला किसान है।

PM-KISAN 24वीं किस्त कब आएगी?

अब सबसे ज्यादा सवाल इसी पर है।

23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है। PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर भी इसका उल्लेख है।

सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में आने की चर्चा हो सकती है, लेकिन 31 जुलाई 2026 तक सरकार ने 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए फिलहाल किसी खास दिन या नवरात्रि की तारीख को पक्का मानना सही नहीं होगा। आधिकारिक ऐलान होते ही तस्वीर साफ होगी।

पीएम किसान की किस्त पाने के लिए e-KYC जरूरी है

PM-KISAN का पैसा पाने वाले किसानों के लिए e-KYC mandatory है। आधिकारिक पोर्टल पर यह साफ लिखा है कि PM-KISAN registered farmers के लिए e-KYC जरूरी है। पोर्टल पर biometric-based e-KYC की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है।

यहीं पर किसानों को सावधान रहना चाहिए। सिर्फ योजना में नाम होना ही काफी नहीं है। बैंक, Aadhaar और लाभार्थी रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी सही होना भी जरूरी है।

PM-KISAN पोर्टल पर किसान अपना status check कर सकते हैं। सरकार ने लाभार्थियों के लिए Know Your Status सुविधा भी दी हुई है।

किन किसानों को PM-KISAN का फायदा मिलता है?

PM-KISAN जो की केंद्र सरकार की योजना है और इसका पूरी funding केंद्र सरकार करती है। योजना के तहत पात्र landholding farmer families को सालाना ₹6,000 दिए जाते हैं। लाभार्थी परिवार की पहचान राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन द्वारा योजना के नियमों के अनुसार की जाती है।

लेकिन हर किसान इस योजना के लिए eligible नहीं है। सरकारी नियमों में कई exclusion categories दी गई हैं। इनमें कुछ संवैधानिक पदों पर रहे लोग, कई सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, आयकरदाता और कुछ पेशेवर श्रेणियां शामिल हैं।

इसलिए किस्त नहीं आने पर सिर्फ यह मान लेना ठीक नहीं कि सरकार ने भुगतान रोक दिया है। पहले अपना eligibility और payment status check करना चाहिए।

सरकार के आंकड़ों में PM-KISAN का असर कितना दिखा?

सरकार की 31 जुलाई की रिलीज में NITI Aayog के Development Monitoring and Evaluation Office यानी DMEO के evaluation का भी हवाला दिया गया है।

इस मूल्यांकन के मुताबिक 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने सहायता राशि का इस्तेमाल खेती से जुड़े कामों और कृषि निवेश में किया। करीब 85 प्रतिशत लाभार्थियों ने कृषि आय में सुधार और informal credit पर निर्भरता घटने की बात कही।

सरकार ने 2020-21 से 2025-26 के बीच खेती से जुड़े कुछ आंकड़े भी साझा किए हैं। इस अवधि में खेती का क्षेत्र करीब 9.65 प्रतिशत, productivity करीब 10.53 प्रतिशत और कुल foodgrain production करीब 21.18 प्रतिशत बढ़ने का उल्लेख किया गया है। ये आंकड़े कृषि क्षेत्र की व्यापक स्थिति से जुड़े हैं; इन्हें केवल PM-KISAN का अकेला परिणाम मानना उचित नहीं होगा।

किसानों के लिए इस फैसले का सीधा मतलब क्या है?

PM-KISAN को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी मिलने से पात्र किसान परिवारों के लिए इस income-support scheme का रास्ता अगले कई सालों के लिए खुला रखा गया है। ₹6,000 सालाना की सहायता खेती के छोटे लेकिन जरूरी खर्चों में काम आ सकती है।

बीज खरीदना हो, खाद का इंतजाम करना हो या खेती के किसी दूसरे खर्च में पैसा लगाना हो, ऐसी सीधी सहायता cash-flow में मदद करती है। सरकार ने भी अपने आकलन में कृषि निवेश और informal credit पर इसके असर का उल्लेख किया है।

मगर 24वीं किस्त के लिए अभी official announcement का इंतजार करना होगा। यही फिलहाल सबसे अहम अपडेट है।

PM-KISAN का पैसा नहीं आया तो क्या करें?

सबसे पहले PM-KISAN के official portal पर Know Your Status चेक करें। वहां payment status, bank details, UTR और credit से जुड़ी जानकारी देखने की सुविधा उपलब्ध है।

इसके बाद e-KYC status, Aadhaar authentication और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जांचें। अगर कोई समस्या दिखती है तो PM-KISAN portal पर grievance सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक बात याद रखें—किसी अनजान व्यक्ति को OTP, Aadhaar या बैंक की confidential जानकारी देकर किस्त निकलवाने के दावे पर भरोसा न करें।

ये भी पढ़े – RTI ने खोली PM-KISAN की पोल! ₹46,317 करोड़ नहीं हुआ खर्च, पूरी खबर पढ़े

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मिली मंजूरी

आज एक और महत्वपूर्ण स्कीम को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई है। मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (PM-SSY) को मंजूरी दी जा चुकी है। इस योजना का उद्देश्य देश में फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (FSPV) क्षमता को बढ़ाना है। इस योजना के तहत पांच सालों में 5,000 MW की FSPV क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जो अभी लगी हुई लगभग 700 MW क्षमता से सात गुना से भी अधिक है।

Official Sources :

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जगत पाल पिछले 8 वर्षों से एक पेशेवर ब्लॉगर हैं। वे शिक्षा, ऑटो, कृषि समाचार, मंडी भाव, गैजेट्स और बिजनेस जैसे विषयों पर विशेषज्ञता रखते हैं। वर्तमान में वे news.emandirates.com के संपादक और प्रमुख लेखक हैं, जहाँ वे भरोसेमंद और जानकारीपूर्ण कंटेंट प्रदान करते हैं।