दाल मिल या तेल इकाई लगाने का सोच रहे हैं? सिरसा में मिलेगी लाखों की मदद
सिरसा (हरियाणा): अगर आप सिरसा जिले के किसान हैं, या दलहन-तिलहन प्रोसेसिंग का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह मौका चूकिए मत। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दाल मिल और तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना पर बड़ी वित्तीय मदद देने का ऐलान किया है।
यह योजना राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन और दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत चलाई जा रही है। मकसद साफ है, जिले में दलहन-तिलहन फसलों का उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन बढ़ाना।
कौन उठा सकता है योजना का फायदा?
पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह और उद्यमी, सब इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। शर्त बस इतनी है कि निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
दाल मिल पर कितना मिलेगा अनुदान?
दाल मिल इकाई लगाने पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। प्रति इकाई अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तय की गई है। यह सुविधा वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान उपलब्ध रहेगी।
तेल निष्कर्षण इकाई के लिए क्या है ऑफर?
अब बात करते हैं तेल वाले हिस्से की। तिलहन के संग्रहण, तेल निष्कर्षण और पुनः प्राप्ति क्षमता बढ़ाने के लिए भी मदद दी जाएगी। यह सुविधा सरकारी और निजी दोनों तरह के उद्योगों, FPO और सहकारी समितियों के लिए है।
10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाई और तिलहन प्रसंस्करण मशीनरी लगाने पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अधिकतम सीमा 9.90 लाख रुपये तक है। मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सहायता दी जाएगी।
इससे जिले को क्या फायदा होगा?
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कम्बोज के मुताबिक, इन प्रसंस्करण इकाइयों से स्थानीय स्तर पर दलहन-तिलहन फसलों का मूल्य संवर्धन होगा। इसका सीधा असर यह होगा कि किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा।
फसल कटाई के बाद होने वाला नुकसान भी कम होगा। इसके साथ गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए मौके भी बनेंगे।
देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम
डॉ. कम्बोज ने यह भी बताया कि इस पहल से देश को दलहन और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। यह सिर्फ स्थानीय फायदे की बात नहीं, बल्कि बड़े राष्ट्रीय मकसद से भी जुड़ी है।
आवेदन कहां और कब तक करें?
अब सवाल यह है कि आवेदन कैसे करें। इच्छुक किसान, FPO, सहकारी समितियां और उद्यमी अपने नजदीकी खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी या कृषि उपनिदेशक कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन की आखिरी तारीख 26 अगस्त 2026 है। पात्रता, अनुदान की दर और पूरी प्रोसेस की जानकारी भी वहीं मिल जाएगी। इस डेडलाइन को नजरअंदाज न करें, वरना मौका हाथ से निकल सकता है।
डॉ. कम्बोज ने सभी पात्र लोगों से अपील की है कि वे इस योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं। उनका कहना है कि जितनी ज्यादा भागीदारी होगी, जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को उतना ही बढ़ावा मिलेगा।
अब आगे किसानों को क्या करना चाहिए?
अगर आप सिरसा जिले में दाल मिल या तेल निष्कर्षण इकाई लगाने की योजना बना रहे हैं, तो 26 अगस्त की डेडलाइन से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार कर लें। नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर पात्रता और प्रोसेस की पूरी जानकारी लें। समय रहते आवेदन करने से न सिर्फ आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि आपका बिजनेस भी जल्दी शुरू हो पाएगा।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, सिरसा द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। अनुदान राशि, पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। इच्छुक आवेदक अंतिम तारीख से पहले अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से पूरी जानकारी की पुष्टि जरूर कर लें।
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योजना से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब (FAQs):
दाल मिल इकाई पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जो प्रति इकाई अधिकतम 25 लाख रुपये तक होगा।
10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाई पर 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 9.90 लाख रुपये है।
इच्छुक आवेदक 26 अगस्त 2026 तक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह और उद्यमी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
आवेदक अपने नजदीकी खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी या कृषि उपनिदेशक कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकते हैं।
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