Silver Price Today अपडेट: आपने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि चांदी इतनी तेजी से रफ्तार पकड़ेगी। सोमवार को MCX पर Silver Rates ने एक ऐसा कीर्तिमान रच दिया है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च वायदा चांदी का भाव ₹3,01,315 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। सिर्फ एक दिन में ₹13,553 की तेजी, यानी 4.71% का उछाल।
और यहीं बात खत्म नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का वायदा $94.35 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो 6.56% की तेजी के साथ नया रिकॉर्ड है। आप समझ सकते हैं कि ये घरेलू और वैश्विक, दोनों स्तरों पर Commodity Market में एक बड़ा भूकंप है।
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में धमाका
एमसीएक्स पर चांदी का प्रदर्शन देखकर हर कोई हैरान है। ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर पहली बार छुआ गया है। वहीं, अमेरिकी बाजार में $94.35 प्रति औंस का भाव दिख रहा है। आप ये भी जान लें कि ये दोनों ही स्तर अपने-आप में इतिहास रच रहे हैं। Bullion Market में ऐसी हलचल आम नहीं है।
19 दिन का सफर: ₹65,614 का उछाल
बात ये है कि 2026 ने तो अभी शुरुआत ही की है। जनवरी का महीना खत्म होने में अभी 12 दिन बाकी हैं, लेकिन चांदी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी ₹2,35,701 प्रति किलो थी, वहीं आज वो ₹3,01,315 पर पहुंच चुकी है। मतलब साफ है – 19 दिन में ₹65,614 की बढ़ोतरी। ये आंकड़ा अपने आप में चौंकाने वाला है।
चांदी की चमक के पीछे क्या है?
विश्लेषकों की राय पर गौर करें तो दो मुख्य वजहें सामने आती हैं। पहला, औद्योगिक मांग में तेजी। दूसरा, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी। और यही वजह है कि चांदी हाल के सत्रों में सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। Precious Metals की दुनिया में ये एक बड़ी बात है, क्योंकि आमतौर पर सोना ही चमकता है।
सोना भी पीछे नहीं, लेकिन चांदी आगे
सोने के दाम भी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार (17 जनवरी 2026) को MCX पर फरवरी वायदा सोना ₹1,42,517 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन आज सोमवार को ही कारोबार शुरू होते ही पीली धातु ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। एक सत्र में ₹2,983 की बढ़ोतरी, ये भी कम नहीं।
लेकिन ध्यान दें, चांदी का प्रतिशत उछाल सोने से कहीं ज्यादा है। यही वजह है कि निवेशकों की निगाहें अब Silver Investment पर जमी हुई हैं।
भारत की बड़ी चुनौती: आत्मनिर्भरता कब?
साल 2025 में भारत ने लगभग $9.2 अरब डॉलर की चांदी आयात की और दुनिया का सबसे बड़ा चांदी उपभोक्ता बन गया। लेकिन यहीं एक बड़ी समस्या है। भारत अभी तक चांदी की प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर नहीं है। मतलब ये कि हम सिर्फ खपौती बढ़ा रहे हैं, लेकिन प्रोसेसिंग पर हमारी पकड़ नहीं है। वैश्विक आपूर्ति और भू-राजनीतिक दबाव के बीच भारत की चांदी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। ये एक राष्ट्रीय चिंता का विषय बन सकता है।
Commodity Trading के लिए आपका क्या प्लान है?
अब सवाल ये है कि आपको क्या करना चाहिए? अगर आप Investment की सोच रखते हैं तो ये समय बेहद संवेदनशील है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चांदी में और तेजी का अनुमान है, लेकिन जोखिम भी उतना ही है। पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
A: 19 जनवरी 2026 को MCX पर मार्च वायदा चांदी का भाव ₹3,01,315 प्रति किलोग्राम है, जो 4.71% की बढ़ोतरी के साथ नया रिकॉर्ड है।
A: जनवरी 2026 के पहले 19 दिनों में चांदी ₹65,614 प्रति किलो बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को ₹2,35,701 थी, जो अब ₹3,01,315 हो गई है।
A: विश्लेषकों के मुताबिक, औद्योगिक मांग में तेजी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी मुख्य वजहें हैं।
A: 2025 में भारत ने $9.2 अरब डॉलर की चांदी आयात की, जिससे वह दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया। उच्च घरेलू मांग और औद्योगिक उपयोग इसकी वजह है।
A: 2026 में चांदी ने सोने से अधिक प्रतिशत वृद्धि दिखाई है, लेकिन दोनों रिकॉर्ड स्तर पर हैं। निवेश निर्णय आपके जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है।
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