Union Budget 2026 Analysis : 1 फरवरी 2026 को जब पूरा देश गुरु रविदास जयंती की पावन अवसर पर माघ पूर्णिमा मना रहा था, तब संसद भवन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक “ऐतिहासिक” बजट पेश कर दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो एक महिला वित्त मंत्री के रूप में नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। Union Budget 2026 में सरकार ने न सिर्फ Fiscal Discipline के साथ विकास का रास्ता अपनाया है, बल्कि हर वर्ग को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई हैं। पीएम मोदी ने इसे “अवसरों का हाईवे” बताया है, जो भारत की Reform Express को नई रफ्तार देगा।
आम जनता की जेब पर क्या असर?
इस बजट में मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने Tax Compliance को आसान बनाने पर जोर दिया है। विदेश यात्रा (Foreign Travel) करने वालों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी ये है कि विदेशी टूर पैकेज पर TCS की दर को 5 फीसदी से घटाकर सीधे 2 फीसदी कर दिया गया है। अब कोई न्यूनतम राशि की शर्त भी नहीं होगी। यही नहीं, विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसा भेजने वाले परिवारों को भी राहत मिली है। Liberalized Remittance Scheme – (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्च पर TDS 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है।
Income Tax Act 1961 का व्यापक पुनरावलोकन करके नया Income Tax Act 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। टैक्सपेयर्स अब संशोधित ITR दाखिल करने के लिए 31 दिसंबर की बजाय 31 मार्च तक का समय पाएंगे, हालांकि मामूली शुल्क देना होगा। छोटी विदेशी संपत्ति ₹20 लाख से कम का खुलासा न करने वालों को Immunity दी जाएगी, लेकिन आय की गलत जानकारी देने पर 100% तक पेनल्टी लगेगी।
किसानों की आय बढ़ाने का प्लान
बजट 2026 में किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर उच्च मूल्य वाली फसलें (High Value Crops) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। तटीय क्षेत्रों में नारियल, काजू और कोको की खेती को बढ़ावा मिलेगा, जबकि अखरोट और पाइननट्स जैसी पौष्टिक फसलों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
मछली पालन की वैल्यू चेन मजबूत करने के लिए तटीय इलाकों में Reservoirs विकसित किए जाएंगे। पशुपालन क्षेत्र में 20,000 से अधिक पेशेवर जोड़े जाएंगे और Loan Linked Capital Subsidy Scheme शुरू की जाएगी। गांवों में महिला सशक्तिकरण के लिए Lakhpati Didi कार्यक्रम का विस्तार करते हुए Self Help Entrepreneur Marts बनाए जाएंगे।
MSME और व्यापारियों के लिए बड़े ऐलान
छोटे और मध्यम उद्यमों को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने SME Growth Fund के तहत ₹10,000 करोड़ और Aatmanirbhar Bharat Fund में ₹2,000 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया है। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को फिर से जीवित किया जाएगा।
Invoice Financing के लिए Credit Guarantee और TReDS (Trade Receivables Discounting System) के अनिवार्य उपयोग से MSMEs की Working Capital की समस्या खत्म होगी। Tier-2 और Tier-3 शहरों में Corporate Mitra की शुरुआत होगी जो छोटे व्यवसायों को अनुपालन प्रक्रियाओं में मदद करेंगे।
उद्योग जगत को मिली गति
Capital Expenditure FY 2026-27 के लिए बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। Manufacturing और Technology सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए India Semiconductor Mission – ISM 2.0 लॉन्च किया गया है। BioPharma Shakti पहल के तहत ₹10,000 करोड़ निवेश किया जाएगा, जिससे Clinical Trials का इकोसिस्टम मजबूत होगा।
Critical Minerals और Rare Earth की प्रोसेसिंग के लिए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए Basic Custom Duty में छूट 2030-35 तक बढ़ाई गई है। विमानन क्षेत्र में Civil Aviation और Defense दोनों के लिए पार्ट्स पर Custom Duty Exemption दी गई है।
युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा
शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए Education-to-Employment Enterprises Standing Committee का गठन किया गया है। AI Integration को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा और 15,000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेजों में ABGC Labs (Animation, Broadcasting, Gaming, Creative) स्थापित होंगे।
पूर्वी भारत में नई National Institute of Design खोली जाएगी। मुख्य औद्योगिक कॉरिडोर के पास पांच University Townships बनाए जाएंगे। Textile Sector में SAMARTH 2.0 स्किलिंग प्रोग्राम के जरिए बुनकरों और कारीगरों को प्रशिक्षण मिलेगा।
स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा
उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 स्थापित किया जाएगा, जो मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र होगा। जामनगर में WHO Research Centre को अपग्रेड किया जाएगा और Medical Tourism Hub विकसित किए जाएंगे।
पर्यटन क्षेत्र में National Institute of Hospitality की स्थापना की जाएगी। 20 आइकोनिक पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को Indian Institute of Management के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में Eco-Tourism और Wildlife Tourism को बढ़ावा मिलेगा।
इनकम टैक्स में मिली राहत और बदलाव
| क्षेत्र | पहले की दर | अब की दर | लाभ |
|---|---|---|---|
| विदेश यात्रा (TCS) | 5%-20% | 2% | नकदी का बोझ कम |
| शिक्षा/इलाज (LRS TCS) | 5% | 2% | छात्रों को फायदा |
| Revised ITR Due Date | 31 दिसंबर | 31 मार्च | अधिक समय |
| IT Services Safe Harbour | ₹300 करोड़ | ₹2,000 करोड़ | बड़ी IT कंपनियों को राहत |
Union Budget 2026 Income Tax Slabs

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
सरकार ने 7 नए High Speed Rail Corridors का ऐलान किया है: दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे-हैदराबाद-बैंगलोर-चेन्नई। पूर्वी भारत से पश्चिमी भारत तक Dedicated Freight Corridor (डांकोंनी से सूरत) बनाया जाएगा और 20 नए नेशनल वॉटरवेज परिचालित होंगे।
City Economic Regions – CERs के लिए अगले 5 साल में ₹5,000 करोड़ का फंड होगा। राज्यों को 50 साल के लिए ब्याज-मुक्त ऋण में ₹1.5 लाख करोड़ मिलेंगे। Infrastructure Risk Guarantee Fund से निर्माण परियोजनाओं का जोखिम कम होगा।
वित्तीय क्षेत्र और बाजार प्रतिक्रिया
Fiscal Deficit FY 2026-27 के लिए 4.3% रखा गया है, जबकि फरवरी 2026 में Revised Estimate के तहत 4.4% है। सरकार FY27 में डेटेड सिक्योरिटीज़ से ₹11.7 लाख करोड़ उधार लेगी। GST Revenue का अनुमान ₹11.78 लाख करोड़ है।
केंद्रीय बैंकों की स्थिति मजबूत है-NPAs पर नियंत्रण और 98% से अधिक Coverage Ratio के साथ। NBFCs के पुनर्गठन के लिए Power Finance Corporation – PFC और Rural Electrification Corporation – REC का पुनर्गठन किया जाएगा।
हालांकि, बजट के बाद शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। Sensex लगभग 1,546 (1.88%) अंक लुढ़का और Nifty 495.20 (1.96%) अंक गिरकर बंद हुआ । STT – Securities Transaction Tax में वृद्धि से ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ा है।
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