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बाड़मेर में जमीन फटी 50 घंटे से बह रहा क्रूड ऑयल, किसानों के लिए बना मुसीबत का कारण

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राजस्थान के बाड़मेर जिले का काउखेड़ा गांव इन दिनों एक अजीब और गंभीर संकट में फंसा है। एक किसान के खेत से पिछले करीब 50 घंटों से लगातार क्रूड ऑयल निकल रहा है, और अब तक पता नहीं चल पाया की आख़िरकार तेल का रिसाव कहां से हो रहा है।

काउखेड़ा गांव के नजदीक केयर्न-वेदांता का ऐश्वर्या वेलपैड ऑयल फील्ड स्थित है। तेल का रिसाव इन्ही कंपनियों की पाइपलाइन से हो रहा है, तेल पाइपलाइन में लिकिज होना बड़ी बात नहीं है बड़ी बात नहीं है लेकिन जब आम किसान का खेत तेल में डूब जाए और गांव के लोग दूषित पानी पीने पर मजबूर हो तो यह सिर्फ एक लीकेज नहीं, एक इंसानी त्रासदी का कारण बन जाती है।

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खेत से बह रहा क्रूड ऑयल, कंपनी रिसाव का पता लगाने में जुटी

काउखेड़ा गांव में केयर्न-वेदांता का ऐश्वर्या वेलपैड ऑयल फील्ड स्थित है। कंपनी के अधिकारियों ने खुद माना है कि 23 फरवरी 2026 को ऐश्वर्या वेलपैड-8 के पास तरल पदार्थ का रिसाव हुआ। जो की सीमित क्षेत्र तक ही था।

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ऑयल फील्ड के कर्मचारी अभी खेत में गड्ढा खोदकर देशी जुगाड़ से क्रूड ऑयल टैंकरों में भर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि तकनीकी और ऑपरेशनल टीमें रिसाव के कारणों की जांच में लगी हैं और प्रभावित स्थल से तरल पदार्थ की निकासी शुरू कर दी गई है।

लेकिन किसान और स्थानीय लोग इस “सीमित क्षेत्र तक रिसाव” वाले दावे से सहमत नहीं हैं।

किसान हरजीराम की पीड़ा: “50 की उम्र तक 3 मकान बनाए, अब दरारें पड़ गईं”

खेत मालिक हरजीराम बताते हैं कि 3 दिनों से यही हाल है। उन्होंने अपनी जमीन पहले ही कंपनी को दे दी है और थोड़ी बहुत जमीन बचाकर रखी थी, उसी में वो खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे है ।

“पिछले साल इसी जमीन से 50 बोरी बाजरा हुआ था। अब जिस तरह से क्रूड ऑयल निकल रहा है, ऐसे में उन्हें लग रहा है की अगली बार इस जमीन से कुछ उगने वाला नहीं है।” जमीन पूरी तरह बंजर हो जाएगी ।

हरजीराम की चिंता सिर्फ फसल तक सीमित नहीं है। उन्होंने मीडिया को बताया कि कंपनी रात में क्रूड ऑयल का प्रेशर बनाने के लिए ब्लास्ट करती है। जिसके चलते भयंकर कंपन होता है और घरों की दीवारों में दरारें आ रही हैं। यहां तक कि पानी के टांकों में भी दरारें पड़ गई हैं।

“ब्लास्ट इतना तेज होता है, जैसे भूकंप आया हो” – यह हरजीराम के शब्द हैं, जो अब रात को घर के अंदर सोने से भी डरते हैं क्योंकि मकान गिरने का खतरा हर रोज बना रहता है । यह सिर्फ एक किसान की नहीं, पूरे गांव की समस्या है।

पीने के पानी में मिल रहा तेल – स्वास्थ्य पर मंडरा रहा है खतरा

स्थानीय किसानों के अनुसार स्थिति और भी गंभीर है:

  • ट्यूबवेल के पानी के साथ भी क्रूड ऑयल आ रहा है
  • ऑयल फील्ड के आसपास ज्वलनशील गैस का रिसाव भी महसूस किया जा रहा है
  • घरों में बने पानी के टांकों में क्रूड ऑयल मिश्रित हो रहा है
  • मजबूरी में लोग यही दूषित पानी पीने को विवश हैं

यह स्थिति स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत चिंताजनक है।

कंपनी का रुख: “सीमित रिसाव, कार्रवाई जारी”

केयर्न-वेदांता के अधिकारियों ने बयान दिया है कि:

  • रिसाव सीमित क्षेत्र तक था
  • लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम उठाए गए
  • तकनीकी व ऑपरेशनल टीमें जांच और निकासी में लगी हैं

लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही कहानी कह रहे हैं, 50 घंटे से ज्यादा समय बाद भी तेल का बहना जारी है।

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जगत पाल पिछले 8 वर्षों से एक पेशेवर ब्लॉगर हैं। वे शिक्षा, ऑटो, कृषि समाचार, मंडी भाव, गैजेट्स और बिजनेस जैसे विषयों पर विशेषज्ञता रखते हैं। वर्तमान में वे news.emandirates.com के संपादक और प्रमुख लेखक हैं, जहाँ वे भरोसेमंद और जानकारीपूर्ण कंटेंट प्रदान करते हैं।