RBI Policy- आज दिनांक 5 दिसंबर 2025 की सुबह-सुबह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश को एक बड़ी राहत दी। तीन दिनों की मैराथन बैठक के बाद Monetary Policy कमिटी (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 0.25% घटाकर 5.25% करने का फैसला सुनाया। यह लगातार दूसरा कट है, और अब लोन लेने वाले 130 करोड़ भारतीयों को Direct फायदा होगा। इससे EMI कम होगी, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ़ राहत है या आर्थिक धीमेपन की निशानी?
गोल्डीलॉक्स मोमेंट: जब सब Perfect दिखता है
RBI गवर्नर ने खुद इसे “रेअर गोल्डीलॉक्स पीरियड” कहा। मतलब? इकॉनॉमी में वो Rare स्थिति जब Inflation बेहद कम और Growth मज़बूत हो। अक्टूबर में रिटेल [Inflation] 0.25% पर थी – इतिहास में सबसे निचला लेवल। वहीं, जुलाई-सितंबर तिमाही में GDP Growth 8.2% रही, जो Expectations से भी ऊपर थी। लेकिन ये दोनों एक साथ कैसे? यही सवाल अब Markets के ज़ेहन में है।
पिछले 10 महीनों में RBI कुल 125 basis points कट कर चुका है। फरवरी 2025 से शुरू हुई यह Rate Cut साइकिल जून में 6% से 5.5% तक आई, और अब 5.25% पर पहुंच गई। लेकिन MPC ने अपना स्टांस ‘न्यूट्रल’ ही रखा। मतलब अभी और कट की गुंजाइश बरकरार है, लेकिन तुरंत नहीं।
क्यों हुआ यह फैसला?
दो बड़े कारण सामने आए। पहला, डेटा जो इकॉनॉमिक थ्योरी को चैलेंज कर रहा था। Record low Inflation ने Monetary Policy के लिए आसान रास्ता बनाया, लेकिन Rupee का गिरना चिंता का विषय बन गया था। बीते दिनों रुपया अपने निचले स्तर पर पहुंच गया था। दूसरा, अक्टूबर से तेज़ Disinflation ने RBI के Tolerance Level की निचली सीमा को भी तोड़ दिया था।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह Rate Cut वाकई Consumers तक पहुंचेगा? RBI ने इसके लिए 1 ट्रिलियन रुपए के Open Market Operations और $5 बिलियन के [Forex Swaps] का ऐलान किया है। इससे Liquidity बढ़ेगी और Banks के लिए रेट्स कम करना आसान होगा। Transmisson Speed बढ़ेगी।
बाज़ार की बात
Reuters Poll के मुताबिक़, ज़्यादातर Economists को इस कट का अंदेशा था। लेकिन जब GDP Growth के Strong डेटा आए, तो कुछ Analysts ने Rate Cut की संभावना कम कर दी थी। वहीं Consumers के लिए यह Pure राहत है – होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सब सस्ते होंगे। बस यह देखना बाकी है कि Banks कितनी जल्दी और कितना कट अपने Customers को Transfer करती हैं।
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