वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर 25% नया टैरिफ लगाने के ऐलान ने भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन इसी बीच वर्ल्ड बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी उम्मीद जताई है। संस्था ने FY2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को 6.3% से बढ़ाकर 7.2% कर दिया है। ये 0.9% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। विश्व बैंक की यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जब Trump Tariff के खतरे ने भारतीय निर्यातकों की नींद उड़ा रखी है।
मजबूत घरेलू मांग ने बदल दिया गेम
वर्ल्ड बैंक की Global Economic Prospects Report में साफ कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग काफी मजबूत है। इस वजह से अमेरिकी टैरिफ का असर सीमित रहेगा। रिपोर्ट में बताया गया कि सरकार द्वारा की गई टैक्स कटौती और ग्रामीण इलाकों में आय बढ़ने से लोग ज्यादा खर्च कर रहे हैं। इससे उपभोग में तेजी आई है और यही वजह है कि भारत का आउटलुक बेहतर हुआ है।
वर्ल्ड बैंक ने यह भी चेताया कि अगर ट्रंप प्रशासन का 50% टैरिफ अगले वित्त वर्ष 2027 तक लागू रहता है, तो भारत की ग्रोथ रेट घटकर 6.5% रह सकती है। हालांकि, फिलहाल संस्था को घरेलू बाजार में ताकत पर भरोसा है।
सर्विस सेक्टर में ताकत, माल निर्यात पर खतरा
रिपोर्ट में भारत की Service Export की तारीफ की गई है। लेकिन चेतावनी भी दी गई है कि अमेरिकी टैरिफ से भारत के माल निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा बड़े राजकोषीय घाटे और सरकारी खर्च के दबाव को लेकर भी चिंता जताई गई है। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि उम्मीद है सरकार अपने उपायों से राजकोषीय घाटे को धीरे-धीरे कम करेगी।
भारत से ज्यादा बाकी दक्षिण एशिया में सुस्ती
इंटरेस्टिंग बात यह है कि भारत को छोड़कर दक्षिण एशिया के बाकी देशों की ग्रोथ 2026 में 5% और 2027 में 5.6% रहने का अनुमान है। यानी भारत अपने पड़ोसियों से कहीं आगे है।
अर्थशास्त्रियों की राय
Indian Economy के जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार में मांग बनी रही तो टैरिफ का असर न्यूनतम रहेगा। उनका मानना है कि अमेरिका के साथ व्यापार में तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है।
FAQs
वर्ल्ड बैंक का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग की वजह से असर सीमित रहेगा। लेकिन अगर 50% टैरिफ लंबे समय तक रहता है तो FY2027 में ग्रोथ 6.5% रह सकती है।
घरेलू मांग में अचानक तेजी, सरकार की टैक्स कटौती और ग्रामीण आय में बढ़ोतरी की वजह से वर्ल्ड बैंक ने अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 7.2% किया।
वर्ल्ड बैंक ने साफ किया है कि सर्विस एक्सपोर्ट का प्रदर्शन अभी मजबूत है। लेकिन माल निर्यात पर टैरिफ का निगेटिव इम्पैक्ट देखा जा सकता है।
बड़े राजकोषीय घाटे और सरकारी खर्च के दबाव से अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है। वर्ल्ड बैंक को उम्मीद है कि सरकार इसे धीरे-धीरे कम करेगी।
भारत को छोड़कर दक्षिण एशिया के देशों की ग्रोथ 2026 में 5% और 2027 में 5.6% रहने का अनुमान है, जो भारत से काफी कम है।
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