Chana Bhav Teji Mandi Report 14 June 2025: भारतीय दाल बाजार में इन दिनों देशी चने के भाव सुस्त पड़े हैं। लेकिन बाज़ार के जानकार इशारा कर रहे हैं कि यह शांति ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। जैसे ही आपूर्ति घटेगी और त्योहारी मांग जोर पकड़ेगी, चने के दामों में मजबूती आनी तय मानी जा रही है।
उत्पादन गिरा, डिमांड का दबाव बढ़ा
चने की खेती करने वाले राज्यों में इस साल पैदावार उम्मीद से कम रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में कम बारिश और खराब मौसम ने फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्राइवेट एजेंसियां इस साल का उत्पादन महज 80 लाख मीट्रिक टन के करीब मान रही हैं, जबकि सरकारी अनुमान 110 लाख मीट्रिक टन का है। देश की कुल खपत करीब 130 लाख मीट्रिक टन से ऊपर है, जिससे सप्लाई-डिमांड में बड़ा गैप बन गया है।
राजस्थान की बीकानेर, शेखावाटी, तारानगर और भादरा मंडियों में पिछले साल के मुकाबले 23% तक आवक घटी है। वहीं मध्यप्रदेश में ऊंचे रेट के कारण दाल मिलों को सस्ते दाम पर माल मिलना मुश्किल हो रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई चने से भी राहत नहीं
भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया चने का बड़ा स्रोत रहा है। लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलियाई चना भी राहत देने में विफल हो रहा है। मुंद्रा पोर्ट पर अक्टूबर-नवंबर शिपमेंट के लिए ऑस्ट्रेलियाई चना करीब ₹5900 प्रति क्विंटल मिल रहा है। इसमें लॉजिस्टिक्स व अन्य खर्च जोड़ने पर यह ₹6200 के आसपास पहुंचता है। जबकि घरेलू हाजिर बाजार में फिलहाल रेट ₹5600 प्रति क्विंटल के करीब है। फॉरवर्ड ट्रेडिंग में हुए भारी नुकसान ने भी आयातकों को सतर्क कर दिया है। नतीजतन, इस बार नया ऑर्डर देने से व्यापारी कतरा रहे हैं।
मंदी का फिलहाल कारण: लिक्विडिटी क्राइसिस
इस समय मंडियों में सबसे बड़ा संकट फंडिंग का है। व्यापारी और मिलें फिलहाल सीमित खरीद कर रही हैं। खरीदारों के पास कैश फ्लो की कमी है, वहीं कई स्टॉकिस्ट्स फॉरवर्ड ट्रेडिंग में नुकसान झेल चुके हैं। इससे फिलहाल खरीदारी का दबाव नहीं बन पा रहा है। मगर जानकार मानते हैं कि यह स्थायी स्थिति नहीं है।
त्योहारी मांग से बदल सकते हैं समीकरण
जैसे ही बाजार में स्टॉक घटेगा और नवरात्र, दीपावली जैसे त्योहारी सीजन की शुरुआत होगी, बेसन की मांग तेजी से बढ़ेगी। इससे देशी चने की डिमांड में स्वाभाविक उछाल आएगा। अगर सरकार आयात शुल्क में कोई राहत नहीं देती है तो घरेलू उत्पादन पर दबाव और बढ़ेगा। परिणामस्वरूप कीमतें तेज हो सकती हैं।
ये भी पढ़े – बल्ले बल्ले ! सरसों के दामों में ₹100 तक की जबरदस्त तेजी ! कच्ची घानी व एक्सपेलर की दाम भी उछले (14 जून 2025)
देसी चना (Desi Chana) भाव 14 जून 2025
देश की प्रमुख मंडियों में देशी चने के भाव इस प्रकार चल रहे हैं:
| मंडी | भाव (₹ प्रति क्विंटल) | तेजी/मंदी/विवरण |
|---|---|---|
| दिल्ली लॉरेंस रोड (एमपी) | ₹5675 – ₹5700 | तेजी ₹0 |
| दिल्ली लॉरेंस रोड (जयपुर) | ₹5750 | तेजी ₹0 |
| अमरावती मंडी | ₹5200 – ₹5450 | मंदी ₹50 |
| गोंडल मंडी | ₹5300 – ₹5500 | — |
| जूनागढ़ मंडी | ₹5200 – ₹5450 | — |
| जोधपुर मंडी | ₹4700 – ₹5225 | — |
| भाटापारा मंडी | ₹5400 – ₹5450 | — |
| राजकोट मंडी (देशी) | ₹5000 – ₹5400 | — |
| जलना मंडी | ₹5300 – ₹5400 | मंदी ₹50 |
| नागपुर मंडी | ₹5800 – ₹5850 | स्थिर |
| अमरावती (दूसरी एंट्री) | ₹5000 – ₹5400 | स्थिर |
| अमरेली मंडी | ₹5375 – ₹5450 | — |
| सेडम मंडी | ₹5500 – ₹5800 | — |
| बीकानेर मंडी (किसानी) | ₹5300 – ₹5400 | — |
| बीकानेर मंडी (गोदाम) | ₹5550 – ₹5600 | — |
| रायपुर बिल्टी लोकल | ₹5750 | — |
| रायपुर बिल्टी महाराष्ट्र | ₹5875 | — |
| मेड़ता मंडी | ₹5000 – ₹5350 | — |
| उदगीर मंडी | ₹5500 – ₹5600 | — |
| मेड़ता सिटी मंडी | ₹5250 – ₹5350 | — |
| अहमदनगर (देसी) | ₹5300 | मंदी ₹100 |
| सुमेरपुर मंडी | ₹5200 – ₹5225 | — |
| केकड़ी मंडी | ₹5200 – ₹5225 | — |
| नागौर मंडी | ₹5100 – ₹5225 | — |
| कटनी बिल्टी (देसी) | ₹5700 – ₹5725 | तेजी ₹25 |
| कानपुर मंडी | ₹5800 | मंदी ₹25 |
| दाहोद मंडी | ₹5200 – ₹5500 | — |
| देगलूर मंडी | ₹5400 – ₹5500 | — |
| खामगांव मंडी | ₹5000 – ₹5450 | आवक 1500 बोरी |
| राठ मंडी | ₹5400 | आवक 600 बोरी |
| सागर मंडी | ₹5200 – ₹5500 | आवक 500 बोरी |
| ओराई मंडी | ₹5300 – ₹5550 | आवक 150 बोरी |
| इंदौर (विशाल) | ₹5400 – ₹5700 | — |
| इंदौर (सीजनल) | ₹6000 – ₹7400 | — |
चना अन्नागिरी (Annagiri Chana) भाव
| मंडी | भाव (₹ प्रति क्विंटल) | नोट |
|---|---|---|
| सोलापुर मंडी | ₹5900 – ₹6000 | — |
| लातूर मंडी | ₹5500 – ₹5550 | तेजी ₹50 |
चना विजया क्वालिटी भाव
| मंडी | भाव (₹ प्रति क्विंटल) | नोट |
|---|---|---|
| लातूर मंडी | ₹5600 – ₹5650 | तेजी ₹50 |
चना चापा और मोसमी भाव
| मंडी | भाव (₹ प्रति क्विंटल) | नोट |
|---|---|---|
| अहमदनगर (चापा) | ₹5400 | मंदी ₹100 |
| अहमदनगर (मोसमी) | ₹5500 | मंदी ₹100 |
काबुली चना भाव
| मंडी | क्वालिटी | भाव (₹ प्रति क्विंटल) |
|---|---|---|
| राजकोट | काबुली | ₹7500 – ₹9500 |
| इंदौर (कंटेनर) | 40/42 | ₹11100 |
| इंदौर (कंटेनर) | 42/44 | ₹11800 |
| इंदौर (कंटेनर) | 44/46 | ₹10500 |
| इंदौर (कंटेनर) | 58/60 | ₹8000 |
| इंदौर (कंटेनर) | 60/62 | ₹7900 |
| इंदौर (कंटेनर) | 62/64 | ₹7800 |
| इंदौर | मीडियम | ₹8000 – ₹8900 |
| इंदौर | एवरेज | ₹8700 – ₹9300 |
| इंदौर | बेस्ट | ₹9400 |
कर्नूल लाइन व महाराष्ट्र लाइन चना भाव (हैदराबाद मंडी)
| क्वालिटी | भाव (₹ प्रति क्विंटल) | नोट |
|---|---|---|
| कर्नूल लाइन | ₹6025 – ₹6050 | — |
| महाराष्ट्र लाइन | ₹5800 – ₹5825 | मंदी ₹25 |
स्टॉकिस्ट और किसानों के लिए सलाह
बाजार में अभी हलचल कम है, लेकिन जानकार किसानों को सलाह दे रहे हैं कि जिनके पास अच्छा स्टॉक है, वे अक्टूबर-नवंबर तक रुक सकते हैं। वहीं छोटे व्यापारियों को धीरे-धीरे खरीदारी बढ़ाने की सलाह दी जा रही है। क्योंकि जैसे-जैसे स्टॉक कम होता जाएगा, बाजार में तेजी का माहौल बनना तय है। किसी भी प्रकार का व्यापार अपने ख़ुद के विवेक से ही करें। ई मंडी रेट्स आपको कभी भी खरीद या बिक्री (निवेश) की राय नहीं देता।
Advertisement






