Rajasthan News: राजस्थान में राशन डीलरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने उनके कमीशन में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। इस कदम से न सिर्फ डीलरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और कुशल बनाने में भी सहायता मिलेगी। यह बदलाव सरकार की उस घोषणा का हिस्सा है, जिसमें बजट घोषणाओं को प्रदेश में तेजी से लागू कर आम लोगों तक लाभ पहुँचाने की बात कहीं गई है। आइए इस फैसले के पीछे की वजह, इसके विवरण और प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।
बजट घोषणाओं का तेजी से अमल
फरवरी में राजस्थान विधानसभा में पेश बजट में जनहित से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गई थीं। सरकार ने इन वादों को जमीन पर उतारने में देरी नहीं की। खाद्य विभाग ने मात्र 37 दिनों के भीतर राशन डीलरों के लिए कमीशन बढ़ाने का निर्णय लिया, जो इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार कितनी तेजी से जनता के हित में काम कर रही है। यह कदम न केवल डीलरों के लिए बल्कि उन लाखों परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो राशन दुकानों पर निर्भर हैं।
कमीशन में वृद्धि: कितनी और कैसे
नए नियमों के तहत, राशन डीलरों को अब प्रति क्विंटल (100 किलोग्राम) गेहूं के आवंटन पर 150.70 रुपए कमीशन मिलेगा। पहले यह राशि 137 रुपए प्रति क्विंटल थी, यानी इसमें 13.70 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।
जानकारी के लिए बता दे की, राज्य सरकार पहले डीलरों को प्रति क्विंटल 26 रुपए देती थी, जिसे अब बढ़ाकर 39.70 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार से मिलने वाला 90 रुपए प्रति क्विंटल और पॉश मशीनों के उपयोग के लिए 21 रुपए का अतिरिक्त कमीशन पहले की तरह जारी रहेगा। इस तरह, कुल मिलाकर डीलरों को 150.70 रुपए प्रति क्विंटल प्राप्त होंगे।
डीलरों के लिए यह क्यों अहम है?
राशन डीलर भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का एक अभिन्न हिस्सा हैं। वे गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक रियायती दरों पर अनाज पहुंचाते हैं। लेकिन बढ़ती महंगाई और दुकानों के संचालन में आने वाली लागत से कमाई पर पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। सरकार द्वारा कमीशन में बढ़ोतरी से डीलरों की कमाई में वृद्धी होगी और वो अपना काम सही से कर सकेंगे।
अखिल भारतीय उचित मूल्य दुकानदार संघ के अध्यक्ष डिंपल शर्मा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “बढ़ाए गए कमीशन में से 9.21 रुपए वजन तोलने वाली मशीन और पॉश मशीनों के रखरखाव के लिए काटे जाएंगे।
हर माह मिलता है 5 किलोग्राम गेहूं
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) भारत में खाद्य सुरक्षा का आधार है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत, केंद्र सरकार हर महीने मुफ्त अनाज उपलब्ध कराती है, जिसे राशन दुकानों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता है। NFSA के लाभार्थियों को प्रति माह 5 किलोग्राम गेहूं मुफ्त मिलता है। इस प्रणाली में राशन डीलरों की भूमिका बेहद अहम है। वे न सिर्फ अनाज बांटते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने और उन्हें सही जानकारी देने का काम भी करते हैं। ऐसे में, उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
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