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Budget 2026 Expectations: किसानों के खाते में आएंगे 12,000 रुपये? कृषि सेक्टर को मिल सकती है ये बड़ी सौगातें

Jagat Pal

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Budget 2026 Expectations for Agriculture Sector : किसान भाइयों, एक फरवरी की सुबह जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण शुरू करेंगी, तो करोड़ों दिलों की धड़कनें थम जाएंगी। किसान जो की देश का अन्नदाता ही नहीं बल्कि Indian Economy की रीढ़ हैं, लेकिन मौसम की मार और बढ़ती महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ रखी है। ऐसे में इस बार भी किसानों को Union Budget 2026 से काफ़ी उम्मीदें है । किसान चाहता है कि PM-KISAN योजना के तहत मिलने वाले सालाना 6,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया जाये । किसान इसकी मांग लंबे समय से करते आ रहे है । क्योंकि महीने के 500 रुपये में आज के समय में खाद-बीज, डिजल, मजदूरी निकालना मुस्किल ही नहीं नामुमकिन होता है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने Economic Survey में खुलासा किया है कि अब तक 11 करोड़ किसानों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है, लेकिन क्या यह राहत काफी है जब Agricultural Machinery से लेकर Irrigation तक हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं? ऐसे में इस बार Budget Expectations की लिस्ट लंबी है जिसमे Legal MSP Status से लेकर कीटनाशकों और कृषि यंत्रों पर GST दरों में कटौती तक, हर मांग जायज भी है।

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क्या Budget 2026 में PM-KISAN योजना की राशि में होगा इजाफा?

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत अभी पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, जो तीन दो-दो हज़ार रुपये की तीन किस्तों में Direct Bank Transfer के जरिए दिए जाते हैं। लेकिन बीते कुछ सालों में खेती की लागत में जो उछाल आया है, उसे देखते हुए यह राशि अब बौनी साबित हो रही है। सीमांत किसान के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल है। क्योंकि खाद-बीज, कीटनाशक, डीजल, बिजली, सिंचाई और कृषि मशीनरी हर चीज के दाम बढ़ते जा रहे है। इसलिए Budget 2026 में इस राशि में बढ़ोतरी की मांग जोर पकड़ रही है। किसान संगठन और Agriculture Experts का मानना है कि महंगाई के इस दौर में 6,000 रुपये सालाना बस एक छोटी सी राहत भर है, जो मूल लागत को पूरा नहीं करती। इसलिए इसे बढ़ाकर कम से कम 12,000 रुपये सालान करने की जरूरत है। अब सरकार इस बजट में किसानों की इस मांग का कितना ख्याल रखेगी ये तो 1 फ़रवरी को ही पता चलेगा।

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क्या GST में राहत मिलेगी?

किसानों की एक बड़ी मांग Goods and Services Tax में बदलाव को लेकर है। खासतौर पर कीटनाशकों (Pesticides) पर लगने वाला 18 प्रतिशत टैक्स जो की किसानों के गले की हड्डी बन गया है। इसे लेकर किसानों की मांग है कि इसे घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए। अगर बजट में यह ऐलान होता है तो प्रति एकड़ खेती की लागत (Cost of Cultivation) कम से कम 2,000-3,000 रुपये तक घट सकती है। वहीं कृषि कार्यों के लिए उपयोग में आने वाले कृषि यंत्रों (Agricultural Equipment ) , Tractor और अन्य इनपुट्स पर भी GST राहत की उम्मीद है, जिससे छूटे किसानों (Small Farmers) को कुछ राहत मिल सके।

MSP पर कानूनी दर्जे की मांग

एमएसपी (Minimum Support Price) को कानूनी दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। किसान चाहते हैं कि MSP को कानूनी जामा पहनाया जाए ताकि निजी मंडियों में भी फसलों का भाव समर्थन मूल्य से नीचे न जाए। यह मांग Budget 2026 में शामिल होगी या नहीं, यह तो 1 फरवरी को ही पता चलेगा, लेकिन यह निश्चित है कि इसके बिना किसानों की आर्थिक सुरक्षा अधूरी रहेगी। Food Security के लिए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।

बुनियादी ढांचे पर दांव

फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (Post-Harvest Losses) कम करने के लिए Cold Chain Infrastructure और Storage Facilities पर ध्यान देने की जरूरत है। बजट में इन क्षेत्रों में भारी निवेश की उम्मीद है। अगर ताजे फल-सब्जियों के लिए Supply Chain Management मजबूत होगा तो किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा। Agri-Logistics के विकास से Rural Economy को नई गति मिलेगी।

महिला किसानों और कमजोर इलाकों पर फोकस

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana जैसी योजनाएं उन इलाकों में मदद कर सकती हैं जहां खेती कमजोर है या Rain-fed Areas पर निर्भरता ज्यादा है। बजट में यह ध्यान रखना होगा कि सरकारी योजनाओं का फायदा Women Farmers, Tenant Farmers और छोटे किसानों तक पहुंचे। Inclusive Agriculture की नीति तभी सफल होगी जब सबसे नीचे पिरामिड में खड़े किसान तक लाभ पहुंचेगा।

विकसित भारत का सपना और खेती

अगर Viksit Bharat 2047 का लक्ष्य हासिल करना है तो Sustainable Agriculture को मजबूत बनाना होगा। बजट 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। Agriculture Credit में विस्तार, Irrigation Facilities का विकास और Crop Insurance जैसे कदम उठाए जाने की उम्मीद है। सरकार का फोकस किसानों को मजबूत बनाने पर है-यह बात आर्थिक सर्वेक्षण में साफ हुई है। अब देखना है कि बजट में यह वादे धरातल पर उतरते हैं या नहीं।

FAQs:

1. अभी PM-KISAN योजना में किसानों को कितने पैसे मिल रहे हैं और कैसे?

केंदे सरकार द्वारा वर्तमान में PM-KISAN Scheme के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में Direct Benefit Transfer के माध्यम से भेजी जाती है। हालांकि कुछ राज्यों में सालना 3 हज़ार रुपये की अतरिक्त राशि भी दी जा रही है ।

2. बजट 2026 में किसानों की सबसे बड़ी मांग क्या है?

प्रमुख मांगों में PM-KISAN योजना की राशि में बढ़ोतरी, MSP की क़ानूनी गारंटी देना , कृषि यंत्रों और रासायनिक उर्वरकों पर GST कम करना और सिंचाई सुविधाएं का विस्तार शामिल है।

3. कितने किसानों को अब तक PM-KISAN का लाभ मिल चुका है?

Economic Survey के अनुसार, अब तक देश के 11 करोड़ किसानों को कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।

4. कीटनाशकों पर GST दर में क्या बदलाव की मांग है?

किसानों की मांग है कि Pesticides पर वर्तमान 18 प्रतिशत GST को घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए ताकि कृषि लागत कम हो सके।

5. बजट 2026 में एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या उम्मीद है?

Post-Harvest Infrastructure, Cold Chain Logistics और Storage Facilities पर भारी निवेश की उम्मीद है, जिससे फसलों के नुकसान में कमी आएगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

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जगत पाल पिछले 8 वर्षों से एक पेशेवर ब्लॉगर हैं। वे शिक्षा, ऑटो, कृषि समाचार, मंडी भाव, गैजेट्स और बिजनेस जैसे विषयों पर विशेषज्ञता रखते हैं। वर्तमान में वे news.emandirates.com के संपादक और प्रमुख लेखक हैं, जहाँ वे भरोसेमंद और जानकारीपूर्ण कंटेंट प्रदान करते हैं।