गाड़ी मालिकों के लिए बड़ी राहत, अब हर साल नहीं कटेंगे पॉल्यूशन सेंटर के चक्कर
PUC Certificate New Rules : अगर आपके पास भी BS-6 गाड़ी है, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। सरकार अब वाहन मालिकों पर से एक बड़ा बोझ हटाने की तैयारी में है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUCC को लेकर एक नया प्रस्ताव तैयार किया है।
फिलहाल छह साल तक पुरानी निजी BS-6 गाड़ियों के लिए यह सर्टिफिकेट हर साल बनवाना पड़ता है। नए प्रस्ताव के तहत इसकी वैधता एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने का प्लान है।
सरकार ऐसा क्यों करना चाहती है?
सरकार का मानना है कि सड़कों पर दौड़ रहे स्वच्छ और अत्याधुनिक वाहनों के लिए PUCC रिन्यूअल की प्रक्रिया आसान और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। यह नियम लागू होने के बाद गाड़ी मालिकों को हर साल पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC Certificate) के लिए सेंटर के चक्कर नहीं काटने होंगे।
अगर आप रोजाना ऑफिस या काम के सिलसिले में गाड़ी चलाते हैं, तो सोचिए, हर साल टेस्ट कराने की झंझट खत्म होने से कितना समय और मेहनत बचेगी।
किस तरह के वाहन के लिए क्या नियम रहेगा?
अब बात करते हैं असली मुद्दे की, यानी कैसे तय होगी आपकी गाड़ी की PUCC वैधता। यह पूरी तरह वाहन के टाइप और उम्र पर निर्भर करेगा।
BS-6 निजी (गैर-परिवहन) वाहन
अगर आपकी गाड़ी निजी इस्तेमाल के लिए है, तो नियम कुछ इस तरह रहेंगे:
- 6 साल तक पुराने वाहन: रजिस्ट्रेशन की तारीख से 6 साल तक PUCC रिन्यूअल की वैधता 3 साल होगी
- 6 से 10 साल पुराने वाहन: ऐसे वाहनों को हर साल PUCC रिन्यू कराना होगा
- 10 साल से अधिक पुराने वाहन: इतनी पुरानी गाड़ियों के लिए हर 6 महीने में PUCC रिन्यू कराना अनिवार्य रहेगा
BS-6 परिवहन वाहन
अगर आप कमर्शियल या ट्रांसपोर्ट के काम में गाड़ी इस्तेमाल करते हैं, तो नियम अलग हैं:
- 6 साल तक पुराने वाहन: PUCC की वैधता 2 साल की होगी
- 6 से 10 साल पुराने वाहन: कमर्शियल-ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए PUCC की वैधता एक साल होगी
- 10 साल से अधिक पुराने वाहन: इन्हें हर 6 महीने में PUCC रिन्यूअल कराना होगा
पुराने BS-1 से BS-4 वाहनों का क्या होगा?
यहीं पर एक जरूरी बात समझनी है। यह राहत सिर्फ BS-6 गाड़ियों के लिए है, पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लिए नियम सख्त ही रहेंगे।
BS-4 वाहनों को हर 6 महीने में PUCC रिन्यू कराना होगा। वहीं BS-1, BS-2 और BS-3 जैसे पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले मानकों की सभी गाड़ियों को हर 3 महीने में PUCC टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।
आम गाड़ी मालिकों को क्या फायदा होगा?
इसका सीधा असर यह होगा कि जिनके पास नई और अपेक्षाकृत साफ-सुथरी BS-6 गाड़ियां हैं, उन्हें बार-बार टेस्टिंग सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय भी बचेगा, और हर साल लगने वाला खर्च भी घटेगा।
वहीं पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती बरकरार रहेगी, ताकि प्रदूषण नियंत्रण से समझौता न हो।
क्या ये नियम लागू हो गया?
अभी यह सिर्फ एक प्रस्ताव है, इसे औपचारिक रूप से लागू होने में कुछ समय लग सकता है। जिन लोगों के पास BS-6 गाड़ियां हैं, उन्हें फिलहाल मौजूदा नियमों के मुताबिक ही PUCC रिन्यू कराते रहना चाहिए। नियम लागू होने की आधिकारिक घोषणा आने पर ही यह राहत असल में मिलनी शुरू होगी, तब तक सड़क परिवहन मंत्रालय की आगे की अपडेट पर नजर बनाए रखें।
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PUC Certificate से जुड़े प्रमुख सवाल और उनके जवाब (FAQs):
6 साल तक पुराने BS-6 निजी वाहनों के लिए PUCC की वैधता 3 साल तक होगी, जो अभी एक साल है।
यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसे तैयार किया है, आधिकारिक लागू होने की तारीख फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
6 साल तक पुराने कमर्शियल BS-6 वाहनों के लिए PUCC की वैधता 2 साल होगी, जबकि 6 से 10 साल पुराने वाहनों के लिए यह एक साल रहेगी।
BS-4 वाहनों को हर 6 महीने में और BS-1 से BS-3 तक के वाहनों को हर 3 महीने में PUCC टेस्ट कराना अनिवार्य होगा, इन पर कोई राहत नहीं है।
10 साल से ज्यादा पुरानी निजी BS-6 गाड़ियों के लिए भी हर 6 महीने में PUCC रिन्यू कराना अनिवार्य रहेगा।
डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के प्रस्तावित नियम पर आधारित है, जो अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। PUCC नियमों में बदलाव और इनके लागू होने की तारीख से जुड़ी ताज़ा और सटीक जानकारी के लिए पाठक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट जरूर चेक करें।
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