Weather Update : राजस्थान में बारिश का तांडव चल रहा है। आसमान से पानी की बौछारें ऐसी पड़ रही हैं कि सड़कें नदियों में बदल गईं। मौसम विभाग ने 11 जुलाई को 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट (yellow alert) जारी कर दिया है। लोग परेशान हैं, क्योंकि ये बारिश राहत कम, मुसीबत ज्यादा लेकर आई है। गुरुवार को जयपुर में एक घंटे की बारिश ने ऐसा हाल किया कि सड़कों पर पानी ही पानी नजर आने लगा। अजमेर में तो 113 मिमी बारिश हुई, यानी साढ़े चार इंच! भरतपुर में 50 मिमी और फतेहपुर में 45 मिमी पानी बरसा। अलवर में रातभर बारिश होती रही, जिससे सागर जलाशय छलकने को तैयार है। मौसम विभाग (weather department) का कहना है कि अभी और बारिश होगी।
12 जिलों में खतरे की घंटी
मौसम विभाग ने जयपुर, टोंक, कोटा, सीकर, नागौर, बारां, दौसा, झुंझुनूं, चूरू, सवाई माधोपुर और बूंदी—इन 12 जिलों में येलो अलर्ट (yellow alert) है। हल्की-मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा, “सावधान रहें, 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।” घर से बाहर निकलना हो तो सोच-समझकर कदम रखें।
पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 2-3 दिनों में पश्चिम की ओर बढ़ेगा। 11 जुलाई को कोटा, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश (Heavy Rain) होने व 12-13 जुलाई को कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर व उदयपुर संभाग में भारी और अतिभारी बारिश होने की संभावना है।
सड़कों पर पानी, बिजली गायब
अलवर में जलभराव (waterlogging) से लोग परेशान हैं। कोटपूतली-बहरोड़ में तेज हवाओं ने पेड़ उखाड़ दिए और बिजली लाइनें तोड़ दीं। खैरथल-भिवाड़ी में हाईवे (highway) पर 4-5 फुट पानी भर गया, जिससे गाड़ियां थम गईं। फतेहपुर में तो बाढ़ (flood) जैसे हालात हैं—पूर्वी इलाके का संपर्क टूट गया, कई जगह 5 फुट तक पानी जमा हो गया। बिजली गुल (power outage) होने से मुश्किलें और बढ़ गईं।
बारिश ने जनजीवन को पटरी से उतार दिया है। सड़कों पर पानी, घरों में अंधेरा—लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि निचले इलाकों में रहने वाले सतर्क रहें। जरूरत हो तभी बाहर निकलें, वरना घर में रहकर इस मौसम के गुजरने का इंतजार करें।
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